बारिश
बारिश
[A poem in Hindi by Shivani Chaudhry]
मल्हार में मेघा
धीमे आंसुओं की
बरसात में गरजना
धड़कते दिल का
मिलन में बहार
धुंधले सपनों का
करीबी में फ़ासला
ज़ालिम जुदाई का
इश्क की चांदनी में
तरसती हूँ तुम्हारी
धीमे आंसुओं की
बरसात में गरजना
धड़कते दिल का
मिलन में बहार
धुंधले सपनों का
करीबी में फ़ासला
ज़ालिम जुदाई का
इश्क की चांदनी में
तरसती हूँ तुम्हारी
इक बूँद के लिए
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